इक शब भी वस्ल* की न मिरा साथ दे सकी,
अहद-ए-फ़िराक़** आ कि तुझे आज़माऊँ मैं|
*मिलन की रात, **ज़ुदाई का इरादा
क़तील शिफ़ाई
A sky full of cotton beads like clouds
इक शब भी वस्ल* की न मिरा साथ दे सकी,
अहद-ए-फ़िराक़** आ कि तुझे आज़माऊँ मैं|
*मिलन की रात, **ज़ुदाई का इरादा
क़तील शिफ़ाई
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