ज़मीं को सजाऊँ मैं!

उतरा है बाम से कोई इल्हाम* की तरह,

जी चाहता है सारी ज़मीं को सजाऊँ मैं|

*ईश्वरीय प्रेरणा

क़तील शिफ़ाई

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