राहत भी बड़ी हो जैसे!

आज दिल खोल के रोए हैं तो यूँ ख़ुश हैं ‘फ़राज़’,

चंद लम्हों की ये राहत भी बड़ी हो जैसे|   

अहमद फ़राज़

Leave a comment