A sky full of cotton beads like clouds
वो लब कि जैसे साग़र-ए-सहबा दिखाई दे,
जुम्बिश जो हो तो जाम छलकता दिखाई दे|
कृष्ण बिहारी नूर
🤝
LikeLike
Δ
Leave a comment