मोमिन ख़ाँ मोमिन

वो जो हम में तुम में क़रार था तुम्हें याद हो कि न याद हो,

वही या’नी वा’दा निबाह का तुम्हें मोमिन ख़ाँ मोमिन|

मोमिन ख़ाँ मोमिन 1

One response to “मोमिन ख़ाँ मोमिन”

  1. तुम मेरे पास होते हो गोया जब कोई दूसरा नहीं होता।उम्र तो सारी कटी इश्क ए बुता में मोमिन आखरी वक्त में क्या मुसलमान होंगे

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