बाद-ए-सबा जानती है

आँधियाँ ज़ोर दिखाएँ भी तो क्या होता है,

गुल खिलाने का हुनर बाद-ए-सबा जानती है|

मंज़र भोपाली

One response to “बाद-ए-सबा जानती है”

Leave a reply to Daily Interesting Blogs Cancel reply