उजले कपड़ों में रहो या कि नक़ाबें डालो,
तुमको हर रंग में ये ख़ल्क़-ए-ख़ुदा* जानती है|
*God’s creation
मंज़र भोपाली
A sky full of cotton beads like clouds
उजले कपड़ों में रहो या कि नक़ाबें डालो,
तुमको हर रंग में ये ख़ल्क़-ए-ख़ुदा* जानती है|
*God’s creation
मंज़र भोपाली
Leave a comment