हम जंगल के जोगी हम को एक जगह आराम कहाँ,
आज यहाँ कल और नगर में सुब्ह कहाँ और शाम कहाँ|
इब्न-ए-इंशा
A sky full of cotton beads like clouds
हम जंगल के जोगी हम को एक जगह आराम कहाँ,
आज यहाँ कल और नगर में सुब्ह कहाँ और शाम कहाँ|
इब्न-ए-इंशा
Beautiful lines👍👍👍
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