ऐ दोस्त पुराने मेरे!

जुज़* तिरे कोई भी दिन रात न जाने मेरे,

तू कहाँ है मगर ऐ दोस्त पुराने मेरे|

*सिवाय

अहमद फ़राज़

One response to “ऐ दोस्त पुराने मेरे!”

  1. christinenovalarue avatar
    christinenovalarue

    💜

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