दास्ताँ हमारी तरफ़!

इसी उमीद पे किरदार हम निभाते रहे,

कि रुख़ करेगी कभी दास्ताँ हमारी तरफ़|

राजेश रेड्डी

One response to “दास्ताँ हमारी तरफ़!”

Leave a reply to Shabnam Firdaus Cancel reply