सुन तो लिया किसी नार की ख़ातिर काटा कोह निकाली नहर,
एक ज़रा से क़िस्से को अब देते क्यूँ हो तूल मियाँ|
इब्न-ए-इंशा
A sky full of cotton beads like clouds
सुन तो लिया किसी नार की ख़ातिर काटा कोह निकाली नहर,
एक ज़रा से क़िस्से को अब देते क्यूँ हो तूल मियाँ|
इब्न-ए-इंशा
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