न गँवाओ नावक-ए-नीम-कश दिल-ए-रेज़ा-रेज़ा गँवा दिया,
जो बचे हैं संग समेट लो तन-ए-दाग़-दाग़ लुटा दिया|
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
A sky full of cotton beads like clouds
न गँवाओ नावक-ए-नीम-कश दिल-ए-रेज़ा-रेज़ा गँवा दिया,
जो बचे हैं संग समेट लो तन-ए-दाग़-दाग़ लुटा दिया|
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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