मिरे चारा-गर को नवेद हो सफ़-ए-दुश्मनाँ को ख़बर करो,
जो वो क़र्ज़ रखते थे जान पर वो हिसाब आज चुका दिया|
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
A sky full of cotton beads like clouds
मिरे चारा-गर को नवेद हो सफ़-ए-दुश्मनाँ को ख़बर करो,
जो वो क़र्ज़ रखते थे जान पर वो हिसाब आज चुका दिया|
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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