भुला क्यूँ नहीं देते!

आज मैं प्रसिद्ध शायर और भारतीय फिल्मों में अनेक लोकप्रिय गीतों की सौगात देने वाले श्री हसरत जयपुरी जी की एक ग़ज़ल प्रस्तुत कर रहा हूँ|

हसरत जयपुरी जी की बहुत सी रचनाएँ मैंने पहले भी शेयर की हैं|

लीजिए आज प्रस्तुत है श्री हसरत जयपुरी जी की यह रचना  –  

जब प्यार नहीं है तो भुला क्यूँ नहीं देते

ख़त किस लिए रक्खे हैं जला क्यूँ नहीं देते|

किस वास्ते लिक्खा है हथेली पे मिरा नाम

मैं हर्फ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यूँ नहीं देते|

लिल्लाह शब-ओ-रोज़ की उलझन से निकालो

तुम मेरे नहीं हो तो बता क्यूँ नहीं देते|

रह रह के न तड़पाओ ऐ बे-दर्द मसीहा

हाथों से मुझे ज़हर पिला क्यूँ नहीं देते|

जब उस की वफ़ाओं पे यक़ीं तुम को नहीं है

‘हसरत’ को निगाहों से गिरा क्यूँ नहीं देते|

 (आभार- एक बात मैं और बताना चाहूँगा कि अपनी ब्लॉग पोस्ट्स में मैं जो कविताएं, ग़ज़लें, शेर आदि शेयर करता हूँ उनको मैं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध ‘कविता कोश’ अथवा ‘Rekhta’ से लेता हूँ|)

आज के लिए इतना ही,

नमस्कार|                                         

                            ********  

2 responses to “भुला क्यूँ नहीं देते!”

  1. Buenos días ☀️

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  2. christinenovalarue avatar
    christinenovalarue

    🧡

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