वही बात जो वो न कह सके मिरे शेर-ओ-नग़्मा में आ गई,
वही लब न मैं जिन्हें छू सका क़दह-ए-शराब में ढल गए|
मजरूह सुल्तानपुरी
A sky full of cotton beads like clouds
वही बात जो वो न कह सके मिरे शेर-ओ-नग़्मा में आ गई,
वही लब न मैं जिन्हें छू सका क़दह-ए-शराब में ढल गए|
मजरूह सुल्तानपुरी
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