नीम-निगाही का चलन

इश्क़ में आज भी है नीम-निगाही* का चलन,

प्यार करते हैं उसी हुस्न-ए-रिवायात से हम|

*निगाह चुराकर देखना

जाँ निसार अख़्तर

3 responses to “नीम-निगाही का चलन”

  1. 👋👋

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