तेरी मुलाक़ात से हम!

आज तो मिल के भी जैसे न मिले हों तुझ से,

चौंक उठते थे कभी तेरी मुलाक़ात से हम|

जाँ निसार अख़्तर

2 responses to “तेरी मुलाक़ात से हम!”

  1. 👋💯

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