A sky full of cotton beads like clouds
कभी ग़ुंचा कभी शोला कभी शबनम की तरह,
लोग मिलते हैं बदलते हुए मौसम की तरह|
राना सहरी
वाह वाह।
LikeLiked by 1 person
हार्दिक धन्यवाद जी।
LikeLike
Δ
Leave a comment