A sky full of cotton beads like clouds
तमाम बज़्म जिसे सुन के रह गई मुश्ताक़,
कहो वो तज़्किरा-ए-ना-तमाम किस का था|
दाग़ देहलवी
बहुत सुंदर।
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हार्दिक धन्यवाद जी।
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