दरिया की मौज मौज!

हर सैल-ए-अश्क साहिल-ए-तस्कीं है आज-कल,

दरिया की मौज मौज किनारा है इन दिनों|

क़तील शिफ़ाई

One response to “दरिया की मौज मौज!”

Leave a reply to Pkmundo Cancel reply