वक़्त का मारा लगता है

‘कैफ़’ वो कल का ‘कैफ़’ कहाँ है आज मियाँ,

ये तो कोई वक़्त का मारा लगता है|

कैफ़ भोपाली

One response to “वक़्त का मारा लगता है”

  1. वाह, बहुत खूब।

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