धड़कने की सदा याद!

मुद्दत हुई इक हादसा-ए-इश्क़ को लेकिन,

अब तक है तिरे दिल के धड़कने की सदा याद|

जिगर मुरादाबादी

One response to “धड़कने की सदा याद!”

  1. बहुत सुंदर |

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