सहराओ में घनघोर घटा सा भी था!

गम के सहराओ में घनघोर घटा सा भी था,
वो दिलावर जो कई रोज़ का प्यासा भी था॥

क़तील शिफ़ाई

2 responses to “सहराओ में घनघोर घटा सा भी था!”

    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      Thanks a lot ji

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