अंजान हैं हम तुम अगर–

आँखें ही मिलाती हैं ज़माने में दिलों को,
अंजान हैं हम तुम अगर अंजान हैं आँखें|

साहिर लुधियानवी

2 responses to “अंजान हैं हम तुम अगर–”

  1. बहुत सुंदर |

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      हार्दिक धन्यवाद जी।

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