
ऐ मिरे अब्र-ए-करम देख ये वीराना-ए-जाँ,
क्या किसी दश्त पे तू ने कभी बारिश नहीं की|
अहमद फ़राज़
A sky full of cotton beads like clouds

ऐ मिरे अब्र-ए-करम देख ये वीराना-ए-जाँ,
क्या किसी दश्त पे तू ने कभी बारिश नहीं की|
अहमद फ़राज़
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