
देखो ये मेरे ख़्वाब थे देखो ये मेरे ज़ख़्म हैं,
मैंने तो सब हिसाब-ए-जाँ बर-सर-ए-आम रख दिया|
अहमद फ़राज़
A sky full of cotton beads like clouds

देखो ये मेरे ख़्वाब थे देखो ये मेरे ज़ख़्म हैं,
मैंने तो सब हिसाब-ए-जाँ बर-सर-ए-आम रख दिया|
अहमद फ़राज़
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