
हुस्न को चाँद जवानी को कँवल कहते हैं,
उनकी सूरत नज़र आए तो ग़ज़ल कहते हैं|
क़तील शिफ़ाई
A sky full of cotton beads like clouds

हुस्न को चाँद जवानी को कँवल कहते हैं,
उनकी सूरत नज़र आए तो ग़ज़ल कहते हैं|
क़तील शिफ़ाई
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