सुनाए कौन!

दर्द अपनाता है पराए कौन,
कौन सुनता है और सुनाए कौन|

जावेद अख़्तर

2 responses to “सुनाए कौन!”

  1. सुनने सुनाने से कहा जाता है
    दर्द तो बस दिल से अपनाता है
    इससे तो हर शक्स का नाता है
    तभी तो खुद ही दवा बन जाता है

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      बहुत सुंदर जी, धन्यवाद।

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