आज एक गीत 1971 की फिल्म ‘स्वीटहार्ट’ से, हमारे प्रिय गायक मुकेश जी के मधुर स्वर में, इसका संगीत तैयार किया है कल्याणजी आनंदजी की संगीतमय जोड़ी ने और गीत लिखा था आनंद बख्शी जी ने| मुझे यह गीत विशेष रूप से प्रिय है और इसमें लेखन, संगीत और अदायगी सभी लाजवाब हैं
लीजिए प्रस्तुत हैं फिल्म- ‘स्वीटहार्ट’ के इस मधुर गीत के बोल :

कोई कोई आदमी दीवाना होता है,
मुश्किल इस नादान को समझाना होता है|
दिल की बेज़ुबानियां कुछ और होती हैं,
आँखों में कहानियां कुछ और होती हैं,
होंठों पे कुछ और ही अफसाना होता है|
कोई कोई आदमी दीवाना होता है|
तूफाँ क्या होता है, साहिल किसको कहते हैं,
तनहाई क्या है और मंज़िल किसको कहते हैं,
वो इन सारी बातों से बेगाना होता है|
कोई कोई आदमी दीवाना होता है|
ऐसे इंसां की किस्मत में प्यार नहीं होता,
दिल ही उसके सीने में दिलदार नहीं होता,
टूटा सा एक शीशे का पैमाना होता है|
कोई कोई आदमी दीवाना होता है,
मुश्किल इस नादान को समझाना होता है|
आज के लिए इतना ही,
नमस्कार
******
Leave a reply to vermavkv Cancel reply