कहानी सुना रहा था!

वो एक दिन एक अजनबी को,
मेरी कहानी सुना रहा था|

गुलज़ार

2 responses to “कहानी सुना रहा था!”

  1. यदि कहानी में हो दम
    तो सुनाने का न करो गम
    फिर क्या एक अजनबी
    सारी दुनिया पड़ जाए कम

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      बहुत बहुत धन्यवाद रीना जी।

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