मुट्ठी में वो रतन देखा!

ख़रीदने को जिसे कम थी दौलत-ए-दुनिया,
किसी कबीर की मुट्ठी में वो रतन देखा|

नीरज

2 responses to “मुट्ठी में वो रतन देखा!”

    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      Thanks a lot ji.

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