दर्द पुराने निकले 3

दिल ने एक ईंट से तामीर किया ताजमहल,
तूने एक बात कही लाख फसाने निकले|

अमजद इस्लाम अमजद

2 responses to “दर्द पुराने निकले 3”

  1. वह, बहुत खूब |

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      Thanks a lot ji.

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