आज मैं एक बार फिर से हम सबके प्रिय गायक मुकेश जी और लता जी का गाया एक युगल गीत शेयर कर रहा हूँ, 1953 में रिलीज़ हुई राज कपूर जी की फिल्म- ‘आह’ के लिए इस गीत को लिखा था हसरत जयपुरी जी ने और शंकर – जयकिशन की संगीतमय जोड़ी के संगीत निर्देशन में इसे मुकेश जी और लता मंगेशकर जी ने गाया है|
लीजिए आज प्रस्तुत है मुकेश जी और लता जी का यह बहुत प्यारा सा गीत –

आजा रे अब मेरा दिल पुकारा
रो-रो के ग़म भी हारा
बदनाम न हो प्यार मेरा|
मौत मेरी तरफ आने लगी
जान तेरी तरफ जाने लगी
बोल शाम-ए-जुदाई क्या करे
आस मिलने की तड़पाने लगी|
घबराए हाय रे दिल
सपनों में आ के कभी मिल|
अपने बीमार-ए-ग़म को देख ले
हो सके तो तू हम को देख ले
तूने देखा न होगा ये समां
कैसे जाता है दम वो देख ले|
आजा रे अब मेरा दिल पुकारा
रो-रो के ग़म भी हारा
बदनाम न हो प्यार मेरा|
आज के लिए इतना ही,
नमस्कार|
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