सपने- लैंग्स्टन ह्यूजिस की कविता

आज, मैं विख्यात अंग्रेजी कवि लैंग्स्टन ह्यूजिस की एक छोटी सी परंतु महत्वपूर्ण संदेश वाली कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य संकलन- ‘PoemHunter.com’ से लेता हूँ। लीजिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया उनकी कविता ‘Dreams’ का भावानुवाद-

 

 

सपने

 

अपने सपनों को कसकर पकड़े रहो,
क्योंकि यदि स्वप्न मर गए तो
जीवन एक परकटे पक्षी के समान हो जाएगा-
जो उड़ नहीं सकता।
सपनों को कसकर पकड़े रहो
क्योंकि जब स्वप्न चले जाते हैं, तब
जीवन एक बंजर खेत के समान हो जाता है,
जिस पर बर्फ जम गई हो।

 

लैंग्स्टन ह्यूजिस

और अब वह अंग्रेजी कविता, जिसके आधार मैं भावानुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ-

Dreams

Hold fast to dreams
For if dreams die
Life is a broken-winged bird
That cannot fly.
Hold fast to dreams
For when dreams go
Life is a barren field
Frozen with snow.

 

-Langston Hughes

आज के लिए इतना ही,
नमस्कार।

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3 responses to “सपने- लैंग्स्टन ह्यूजिस की कविता”

  1. True. Life without a dream is not worth living.

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