116. फिरता है चांदनी में कोई सच डरा-डरा!

दुष्यंत कुमार जी का एक शेर है-

खरगोश बनके दौड़ रहे हैं तमाम ख्वाब,

फिरता है चांदनी में कोई सच डरा-डरा।

यह शेर वैसे तो आपात्काल में लिखी गई उनकी गज़लों के संग्रह ‘साये में धूप’ से लिया गया है, जिस माहौल में यह शेर और भी अधिक गहन अर्थ ग्रहण करता है, परंतु यह शेर वैसे हर समय के लिए सत्य है, अर्थपूर्ण है।

सचमुच प्रत्येक व्यक्ति को सपने देखने का अधिकार है और सपने सुहाने ही होते हैं, अन्यथा वे दुःस्वप्न कहलाते हैं। यह भी है कि सपने जो हम पूरे मन से देखते हैं, वे पूरे होने चाहिएं। ऐसा महौल होना चाहिए देश और दुनिया में कि जो सपने हम देखते हैं, वे पूरे भी हों।और अगर हम पूरे मन से, संकल्प के साथ सपने देंखेंगे, तो माना यह जाता है कि वे अवश्य पूरे होते हैं।

इस दृष्टि से स्वप्न ही सच्चाई की पहली पायदान हैं। जो आज हमारा सपना है, वो कल हमारी सच्चाई होनी चाहिए, इसलिए सच को डरा हुआ नहीं होना चाहिए, जब तक कि आपात्काल जैसा माहौल न हो। ऐसा वातावरण बनाने में सरकार की कुछ भूमिका हो सकती है, परंतु ज्यादा बड़ी भूमिका समाज की है और जहाँ समाज जागरूक हो, वहाँ कोई सरकार भी इस वातावरण को बिगाड़ नहीं सकती।

लीजिए दुष्यंत कुमार जी की वह गज़ल पूरी पढ़ लेते हैं, जिससे यह शेर लिया गया था-

तुमको निहारता हूँ सुबह से ऋतम्बरा
अब शाम हो रही है मगर मन नहीं भरा। 

ख़रगोश बन के दौड़ रहे हैं तमाम ख़्वाब
फिरता है चाँदनी में कोई सच डरा—डरा। 

पौधे झुलस गए हैं मगर एक बात है
मेरी नज़र में अब भी चमन है हरा—भरा। 

लम्बी सुरंग-सी है तेरी ज़िन्दगी तो बोल
मैं जिस जगह खड़ा हूँ वहाँ है कोई सिरा। 

माथे पे हाथ रख के बहुत सोचते हो तुम
गंगा क़सम बताओ हमें क्या है माजरा।

 

नमस्कार

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11 responses to “116. फिरता है चांदनी में कोई सच डरा-डरा!”

  1. Beautiful ryhming…

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      Thanks.

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  2. shri.krishna.sharma avatar
    shri.krishna.sharma

    Thanks a lot.

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  3. Sorry about this …same cmt two times .. network issue

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  4. Beautiful gajals! Sir.
    Really if your dreams are true you will definitely achieve them. You only need the determination for it.

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  5. shri.krishna.sharma avatar
    shri.krishna.sharma

    Thank you very much.

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  6. क्या खूब लिखा है ।

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  7. shri.krishna.sharma avatar
    shri.krishna.sharma

    धन्यवाद दीपक जी।

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  8. shri.krishna.sharma avatar
    shri.krishna.sharma

    Thanks

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