Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 3rd Apr 2024

    समझौता कहाँ हुआ?

    आज एक बार फिर मैं हिन्दी के श्रेष्ठ कवि और काव्य मंचों पर अपने गीतों के माध्यम से अलग पहचान बनाने वाले स्वर्गीय बलबीर सिंह रंग जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| रंग जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय बलबीर सिंह रंग जी…

  • 2nd Apr 2024

    अपने ही वतन में रहे!

    ज़बाँ हमारी न समझा यहाँ कोई ‘मजरूह’, हम अजनबी की तरह अपने ही वतन में रहे| मजरूह सुल्तानपुरी 

  • 2nd Apr 2024

    कूज़ा-ए-कुहन में रहे!

    ये हुक्म है रहे मुट्ठी में बंद सैल-ए-नसीम, ये ज़िद है बहर-ए-तपाँ कूज़ा-ए-कुहन में रहे| मजरूह सुल्तानपुरी

  • 2nd Apr 2024

    बाँकपन में रहे!

    हुजूम-ए-दहर में बदली न हम से वज़-ए-ख़िराम, गिरी कुलाह हम अपने ही बाँकपन में रहे| मजरूह सुल्तानपुरी

  • 2nd Apr 2024

    तो क्यूँ बदन में रहे!

    सरिश्क रंग न बख़्शे तो क्यूँ हो बार-ए-मिज़ा, लहू हिना नहीं बनता तो क्यूँ बदन में रहे| मजरूह सुल्तानपुरी

  • 2nd Apr 2024

    चाँदनी की पाँच परतें! 

    आज एक बार फिर मैं श्रेष्ठ हिन्दी कवि और समाचार पत्रिका ‘दिनमान’ के संपादन से जुड़े रहे स्वर्गीय सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| सर्वेश्वर जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी का यह नवगीत – चाँदनी…

  • 1st Apr 2024

    शिकन में रहे!

    खुले जो हम तो किसी शोख़ की नज़र में खुले, हुए गिरह तो किसी ज़ुल्फ़ की शिकन में रहे| मजरूह सुल्तानपुरी 

  • 1st Apr 2024

    हल्क़ा-ए-रसन में रहे

    न हम क़फ़स में रुके मिस्ल-ए-बू-ए-गुल सय्याद, न हम मिसाल-ए-सबा हल्क़ा-ए-रसन में रहे| मजरूह सुल्तानपुरी 

  • 1st Apr 2024

    जादू मिरे सुख़न में रहे!

    मुझे नहीं किसी उसलूब-ए-शाइरी* की तलाश, तिरी निगाह का जादू मिरे सुख़न में रहे| *Style of Poetry मजरूह सुल्तानपुरी 

  • 1st Apr 2024

    मिरे जुनूँ की महक!

    तू ऐ बहार-ए-गुरेज़ाँ किसी चमन में रहे, मिरे जुनूँ की महक तेरे पैरहन में रहे| मजरूह सुल्तानपुरी

←Previous Page
1 … 729 730 731 732 733 … 1,532
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,133 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar