Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 3rd May 2025

    मैं तिरा ख़ाली कमरा!

    मेरा दिया जलाए कौन,मैं तिरा ख़ाली कमरा हूँ| नासिर काज़मी

  • 3rd May 2025

    तेरी गली में सारा दिन!

    तेरी गली में सारा दिन,दुख के कंकर चुनता हूँ| नासिर काज़मी

  • 3rd May 2025

    अब के बरस मैं तन्हा!

    ओ पिछली रुत के साथी,अब के बरस मैं तन्हा हूँ| नासिर काज़मी

  • 3rd May 2025

    मैं भी तेरे जैसा हूँ!

    अपनी धुन में रहता हूँ,मैं भी तेरे जैसा हूँ| नासिर काज़मी

  • 3rd May 2025

    इन ख़ाली कमरों में!

    मुद्दत से कोई आया न गया सुनसान पड़ी है घर की फ़ज़ा,इन ख़ाली कमरों में ‘नासिर’ अब शम्अ जलाऊँ किस के लिए| नासिर काज़मी

  • 3rd May 2025

    जान-ए-ग़ज़ल ही!

    अब शहर में उस का बदल ही नहीं कोई वैसा जान-ए-ग़ज़ल ही नहीं,ऐवान-ए-ग़ज़ल में लफ़्ज़ों के गुल-दान सजाऊँ किस के लिए| नासिर काज़मी

  • 3rd May 2025

    वो शहर में था तो!

    वो शहर में था तो उस के लिए औरों से भी मिलना पड़ता था,अब ऐसे-वैसे लोगों के मैं नाज़ उठाऊँ किस के लिए| नासिर काज़मी

  • 3rd May 2025

    धूप उसी के साथ गई!

    जिस धूप की दिल में ठंडक थी वो धूप उसी के साथ गई,इन जलती बलती गलियों में अब ख़ाक उड़ाऊँ किस के लिए| नासिर काज़मी

  • 3rd May 2025

    फेसबुक पर कविताएं!

    मैं काफी वर्षों से अपना ब्लॉग लिख रहा हूँ, जिस पर मैंने शुरुआत अपने जीवन के विभिन्न अनुभवों को क्रमवार लिखने से की थी, हाँ कविता मेरे जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग रही है अतः मैंने कविता को भरपूर इसमें स्थान दिया है। अपनी ब्लॉग पोस्ट्स का लिंक मैं शुरू से ही अपने फेसबुक पृष्ठ…

  • 3rd May 2025

    ये मुलाकातें!

    आज मैं हिंदी के श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय भारत भूषण अग्रवाल जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ। इनकी बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय भारत भूषण अग्रवाल जी की यह कविता – बीच-बीच कीये मुलाक़ातेंमेरी उम्र के पन्नों पर ऐसे ही सजी हैंजैसे बच्चे अपनी पोथी…

←Previous Page
1 … 424 425 426 427 428 … 1,528
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,132 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar