Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 4th Jul 2025

    दरिया में रह के !

    दरिया में रह के कोई न भीगे तो किस तरह,हम बे-नियाज़ तेरी तरह ऐ ख़ुदा न थे| बिलक़ीस ज़फ़ीरुल हसन

  • 4th Jul 2025

    ये और बात शौक़ से!

    ये और बात शौक़ से हम को सुना गया,फिर भी वही सुनाया सुना इक फ़साना थे| बिलक़ीस ज़फ़ीरुल हसन

  • 4th Jul 2025

    चुपके जला करो!

    कितना कहा था तुम से कि मत खेलो आग से,अब जो सुलग पड़ी है तो चुपके जला करो| बिलक़ीस ज़फ़ीरुल हसन

  • 4th Jul 2025

    रख़्त-ए-सफ़र में!

    है बस-कि ख़ाक उड़ाने की आवारगी को खो,रख़्त-ए-सफ़र में घर को भी बाँधे फिरा करो| बिलक़ीस ज़फ़ीरुल हसन

  • 4th Jul 2025

    कभी सो लिया करो!

    ये बार-ए-ज़ीस्त झेलते रहना है उम्र-भर,अपनी थकन पे टिक के कभी सो लिया करो| बिलक़ीस ज़फ़ीरुल हसन

  • 4th Jul 2025

    न हमेशा लड़ा करो!

    क्या हर्ज है जो दिल की भी सुन लो कभी कभी,यूँ अपने आप से न हमेशा लड़ा करो| बिलक़ीस ज़फ़ीरुल हसन

  • 3rd Jul 2025

    जीना है ख़ूब औरों की!

    जीना है ख़ूब औरों की ख़ातिर जिया करो,इक-आध साँस ख़ुद भी तो लेते रहा करो| बिलक़ीस ज़फ़ीरुल हसन

  • 3rd Jul 2025

    नींद है कहानी है!

    कुछ न पूछो ‘फ़िराक़’ अहद-ए-शबाब,रात है नींद है कहानी है| फ़िराक़ गोरखपुरी

  • 3rd Jul 2025

    अब तो मैं हूँ और!

    सूनी दुनिया में अब तो मैं हूँ और,मातम-ए-इश्क़-ए-आँ-जहानी है| फ़िराक़ गोरखपुरी

  • 3rd Jul 2025

    ज़िंदगी इंतिज़ार है!

    ज़िंदगी इंतिज़ार है तेरा,हम ने इक बात आज जानी है| फ़िराक़ गोरखपुरी

←Previous Page
1 … 225 226 227 228 229 … 1,382
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar