Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 6th Jul 2025

    सर-फिरी मौजें अभी!

    कौन ये पाताल से उभरा किनारे पर ‘सलीम’,सर-फिरी मौजें अभी तक दाएरों में क़ैद हैं| सलीम कौसर

  • 6th Jul 2025

    ख़ाक उड़ती है हवा!

    इस जज़ीरे पर अज़ल से ख़ाक उड़ती है हवा,मंज़िलों के भेद फिर भी रास्तों में क़ैद हैं| सलीम कौसर

  • 6th Jul 2025

    फैल जाएँगे जो तूफ़ाँ !

    ये ज़मीं यूँही सिकुड़ती जाएगी और एक दिन,फैल जाएँगे जो तूफ़ाँ साहिलों में क़ैद हैं| सलीम कौसर

  • 6th Jul 2025

    अपने घरों में क़ैद हैं!

    पाँव में रिश्तों की ज़ंजीरें हैं दिल में ख़ौफ़ की,ऐसा लगता है कि हम अपने घरों में क़ैद हैं| सलीम कौसर

  • 6th Jul 2025

    ज़िंदा हैं

    आज एक बार फिर से अपनी एक रचना, जो हल्के-फुल्के मूड में गंभीर दिखते हुए लिखी गई शेयर कर रहा हूँ- ऊपर से पर्ची नहीं आई, ज़िंदा हैं, लेते हैं हम रोज दवाई, ज़िंदा हैं। प्यार, मोहब्बत, नफरत, बेकद्री, विद्वेष, देख लिया है सब कुछ भाई, ज़िंदा हैं। कई बार ऊपर वाले के थाने में,…

  • 5th Jul 2025

    और कितनी ख़्वाहिशें!

    शहर आबादी से ख़ाली हो गए ख़ुश्बू से फूल,और कितनी ख़्वाहिशें हैं जो दिलों में क़ैद हैं| सलीम कौसर

  • 5th Jul 2025

    मेरे रतजगों में क़ैद हैं!

    कौन सी आँखों में मेरे ख़्वाब रौशन हैं अभी,किस की नींदें हैं जो मेरे रतजगों में क़ैद हैं| सलीम कौसर

  • 5th Jul 2025

    अपनी हदों में क़ैद हैं!

    क़ुर्बतें होते हुए भी फ़ासलों में क़ैद हैं,कितनी आज़ादी से हम अपनी हदों में क़ैद हैं| सलीम कौसर

  • 5th Jul 2025

    ये रास्ता कोई और है!

    कभी लौट आएँ तो पूछना नहीं देखना उन्हें ग़ौर से,जिन्हें रास्ते में ख़बर हुई कि ये रास्ता कोई और है| सलीम कौसर

  • 5th Jul 2025

    मिरी सज़ा कोई और है

    वही मुंसिफ़ों की रिवायतें वही फ़ैसलों की इबारतें,मिरा जुर्म तो कोई और था प मिरी सज़ा कोई और है| सलीम कौसर

←Previous Page
1 … 223 224 225 226 227 … 1,382
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar