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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 29th Nov 2020

    लंदन से स्कॉटलैंड!

    आजकल तो पुरानी ब्लॉग-पोस्ट ही चल रही हैं और आज से कुछ अनुभव स्कॉटलैंड यात्रा से जुड़े हुए| बार-बार यही खयाल आता है कि कब वो दिन आएंगे, जब हम फिर से बिना नकाबपोश बने, दुनिया के किसी भी कोने में जा सकेंगे! लीजिए, अपनी लंदन से स्कॉटलैंड यात्रा के अनुभव शेयर कर लेता हूँ,…

  • 28th Nov 2020

    थेम्स नदी और लंदन !

    अभी तो मैं नई-पुरानी पोस्ट की बात भी नहीं करूंगा, क्योंकि मन है कि कुछ दिन तक लंदन प्रवास की अपनी यादें ताज़ा करूं| पहले मैं शेयर कर रहा हूँ जून-जुलाई 2018 के प्रवास के कुछ अनुभव और उसके बाद अगस्त-सितंबर 2019 पर आऊँगा| लंदन में वीक-एंड का दूसरा दिन रविवार, जब हम एक बार…

  • 27th Nov 2020

    सफर पुराना, मंज़िल पुरानी!

    आज फिर से पुराने ब्लॉग का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुरानी ब्लॉग पोस्ट- हमारे फैमिली ग्रुप का नाम ही रहा है- ‘लंदन, गोवा, बंगलौर’, क्योंकि एक-एक बेटा इन तीनों जगह रहते रहे हैं| हम दो बार लंदन भी रह आए हैं, एक बार- एक माह के लिए और एक बार डेढ़ माह…

  • 26th Nov 2020

    किसी से हाय दिल को लगा के!

    आज फिर से अपने प्रिय गायक स्वर्गीय मुकेश जी का गाया एक गीत शेयर कर रहा हूँ| मेरा मानना है की मुकेश जी का गाया लगभग हर गीत अमर है| अपनी आवाज का दर्द जब वे गीत में पिरो देते थे, तब चमत्कार ही हो जाता था| आज का यह गीत फिल्म- बारात से है,…

  • 25th Nov 2020

    जहां मन में नहीं है कोई भय- रवीन्द्रनाथ ठाकुर

    आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। आज भी मैंने अनुवाद के लिए अंग्रेजी कविता को ऑनलाइन उपलब्ध कविताओं…

  • 23rd Nov 2020

    तब पता यह चला, मूलधन खो गया!

    आज एक बार फिर से आज मैं हिन्दी काव्य मंचों के एक प्रसिद्ध हस्ताक्षर, स्वर्गीय रामावतार त्यागी जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| स्वर्गीय त्यागी जी जुझारूपन की कविता के लिए जाने जाते थे और एक अलग तरह की छाप उनकी कविताओं की पड़ती थी| लीजिए प्रस्तुत है यह सुंदर गीत कविता –…

  • 22nd Nov 2020

    गीतांजलि-1 रवीन्द्रनाथ ठाकुर

    आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। आज भी मैंने अनुवाद के लिए अंग्रेजी कविता को ऑनलाइन उपलब्ध कविताओं…

  • 21st Nov 2020

    अनोखा इतिहास ज्ञान!

    एक बार फिर से आज मैं हिन्दी हास्य कविता के दुर्लभ हस्ताक्षर, स्वर्गीय ओम प्रकाश आदित्य जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| यह एक लंबी हास्य कविता है जो उन्होंने एक ऐसे छात्र के बहाने से लिखी है, जो इतिहास की परीक्षा देने जाता है लेकिन उसे कुछ भी नहीं आता है| लीजिए…

  • 20th Nov 2020

    तू मुझे मेरे ही साये से डराता क्या है!

    आज प्रस्तुत कर रहा हूँ ज़नाब शहजाद अहमद जी की एक खूबसूरत ग़ज़ल, इस गजल के कुछ शेर गुलाम अली साहब ने भी गाए हैं| लीजिए प्रस्तुत है यह सुंदर ग़ज़ल – अपनी तस्वीर को आँखों से लगाता क्या है,एक नज़र मेरी तरफ भी, तेरा जाता क्या है| मेरी रुसवाई में तू भी है बराबर…

  • 19th Nov 2020

    किसी कबीर की मुट्ठी में वो रतन देखा !

    हिन्दी काव्य मंचों की शान रहे स्वर्गीय गोपाल दास ‘नीरज’ जी की एक हिन्दी ग़ज़ल आज प्रस्तुत कर रहा हूँ| कविता अपनी बात स्वयं कहती है और नीरज जी भी किसी परिचय के मोहताज़ नहीं हैं| लीजिए प्रस्तुत है यह ग़ज़ल और नीरज जी के शब्दों में कहें तो ‘गीतिका’- बदन पे जिस के शराफ़त…

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