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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 14th Sep 2017

    76. प्रद्युम्न के बहाने

    कुछ मामलों पर चर्चा करने की एकाएक हिम्मत नहीं होती। सात वर्ष का बच्चा प्रद्युम्न, एक प्रतिष्ठित स्कूल का नन्हा छात्र, सुबह उसके पिता उसको स्कूल छोड़कर आए और कुछ देर में ही खबर मिली कि उसकी हत्या हो गई। हत्या हुई एक प्रतिष्ठित स्कूल के बाथरूम में, सुबह स्कूल पहुंचते ही, हत्या का इल्ज़ाम…

  • 12th Sep 2017

    75.जो हुआ ही नहीं अखबार में आ जाएगा!

    ज़नाब राहत इंदौरी का एक शेर याद आ रहा है जो उन्होंने कुछ समय पहले ‘द कपिल शर्मा शो’ में  पढ़ा था- बनके इक हादसा, किरदार में आ जाएगा जो हुआ ही नहीं, अखबार में आ जाएगा। अब खबरों की दुनिया की क्या बात करें। आज बड़े-बड़े चैनलों पर जो पत्रकार, एंकर काम कर रहे…

  • 11th Sep 2017

    74. बोल मेरी मछली कितना पानी!

    बरसात का मौसम अपने हिस्से की तबाही मचाकर जाने वाला है, अब गरीबों को सर्दी का सामना करना होगा। क्योंकि हर मौसम की मार, गरीबों को ही तो वास्तव में सहनी पड़ती है। अमीर अथवा मध्यम वर्ग तो अपने परिधानों अथवा अनुकूलन की सुविधाओं से अपने को बचा लेते हैं, वो रूम हीटर हों अथवा…

  • 10th Sep 2017

    73. चंचल, शीतल, निर्मल, कोमल संगीत की देवी स्वर-सजनी!

    ज़िंदगी सिर्फ मोहब्बत नहीं कुछ और भी है, ज़ुल्फ-ओ-रुखसार की जन्नत नहीं कुछ और भी है, भूख और प्यास की मारी हुई इस दुनिया में इश्क़ ही एक हक़ीकत नहीं, कुछ और भी है। तुम अगर नाज़ उठाओ तो, ये हक़ है तुमको मैंने तुमसे ही नहीं, सबसे मोहब्बत की है। आज हक़ीकत और कल्पना…

  • 8th Sep 2017

    72. सोच समझ वालों को थोड़ी नादानी दे मौला!

    इंटरनेट पर ज्ञान देने वाले तो भरे पड़े हैं,  मैं तो अज्ञान का ही पक्षधर हूँ। जो व्यक्ति आज भी दिमाग के स्थान पर दिल पर अधिकतम भरोसा करते हैं, उनमें कवि-शायर काफी बड़ी संख्या में आते हैं। वहाँ भी सभी ऐसे हों, ऐसा नहीं है। आज मन हो रहा है निदा फाज़ली साहब की…

  • 7th Sep 2017

    Daily Prompt: Educate- Keep learning

    we all need education and our being educated must reflect in our behavior . When we talk about education, we mostly mean formal education, which starts with the play schools now a days for children and can continue as long as a person wants to learn more skills or virtues, as a part of formal…

  • 6th Sep 2017

    71. इतना तो मेरे यार करो मैं नशे में हूँ!

    जगजीत सिंह जी की गाई, शायर शहीद कबीर की इस गज़ल के बहाने आज बात शुरू करेंगे- ठुकराओ अब कि प्यार करो, मैं नशे में हूँ जो चाहो मेरे यार करो, मैं नशे में हूँ। गिरने दो तुम मुझे, मेरा सागर संभाल लो, इतना तो मेरे यार करो, मैं नशे में हूँ। अब भी दिला…

  • 4th Sep 2017

    70. अस्पताल की टूटी टांग!

    आज स्वास्थ्य और इस बहाने स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में बात करेंगे। वैसे तो मुझे लगता है कि आज की तारीख में हिंदुस्तान में, और शायद दुनिया में, कोई बीमारी होनी ही नहीं चाहिए। अब लोग ‘फॉलो’ न करें तो अलग बात है वरना सोशल मीडिया पर, दुनिया में जितनी भी तक़लीफें या बीमारियां हैं,…

  • 3rd Sep 2017

    69. अब जागना होगा हमें कब तक बता आवारगी !

    पिछले ब्लॉग में मैंने, टीवी में जो ‘टेलेंट शो’ चलते हैं, उनके बारे में बात की थी। अब फिर से लौटकर आवारगी पर आता हूँ, आवारगी की बात मैंने एक ब्लॉग में की और कहा कि आगे भी इस विषय में बात करूंगा, मुझे लगता कुछ और नामों को आवारगी के दायरे में डाल सकते…

  • 1st Sep 2017

    68. पहुंचा कौन शिखर पर

    एक विषय जिसके संबंध में बात करने का बहुत बार मन होता है, वह है टेलेंट की खोज से संबंधित प्रतियोगिताएं। अब वह गीत-संगीत हो, या नृत्य आदि हों सभी क्षेत्रों मे प्रतिभाओं की खोज के लिए प्रतियोगिताएं होती हैं। शुरू में इन प्रतियोगिताओं को जीतकर सामने आए प्रतियोगी तो सच में अपने क्षेत्रों में…

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