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57. जब से गए हैं आप, किसी अजनबी के साथ!
आज फिर से पुराने ब्लॉग का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग- आज एक बार फिर संगीत, विशेष रूप से गज़ल की दुनिया की बात कर लेते हैं। भारतीय उप महाद्वीप में जब गज़ल की बात चलती है तब अधिकतम स्पेस गुलाम अली जी और जगजीत सिंह जी घेर लेते हैं। हालांकि…
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199. हम जिस तरफ़ चले थे उधर रास्ता न था!
हमारे एक प्रसिद्ध फिल्मी अभिनेता, निर्माता, निर्देशक हुए हैं, अभी वे सक्रिय नहीं हैं, ईश्वर उनको लंबी उम्र दे, वे हैं- श्री मनोज कुमार। फिल्म निर्माता के रूप में उन्होंने एक विशेष विषय पर फिल्में बनाई- देशप्रेम और देशभक्ति। उनकी फिल्म के एक गीत की पंक्ति है- है प्रीत जहाँ की रीत सदा, मैं गीत…
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198. जापानी इंसेफेलाइटिस के लक्षण और इससे बचाव!
यह आलेख लिखा था एक उत्पाद का प्रचार करने की दृष्टि से, लेकिन मालूम हुआ कि उत्पादक को इसकी आवश्यकता नहीं है। अब लिखा गया है तो शेयर कर ही लेता हूँ, संभव है किसी के काम आ जाए, हाँ उस उत्पाद के प्रचार वाला भाग इससे निकाल दिया है! मनुष्य जीवन की मूलभूत आवश्यकताएं…
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56. दैर-ओ-हरम में बसने वालो !
आज फिर से, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग- यह जानकर, हर किसी को अच्छा लगता है कि कुछ लोग हमको जानते हैं। लेकिन दुनिया में हर इंसान अलग तरह का है, कितने लोग वास्तव में ऐसे होते हैं, जो किसी व्यक्ति को ठीक से जानते हैं। कुछ लोग हैं, जो हमारे साथ मुहल्ले…
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197. अपने घर के लिए, इंटीरियर डिजाइनर क्यों?
(Advantages of Hiring an Interior Designer and Architect for Your New Home) ID Prop –Details आप अपना नया घर बनवाते हैं, पुराने घर का नवीकरण कराते हैं, तब यह क्यों जरूरी है कि आप इंटीरियर डिजाइनर की सेवाएं प्राप्त करें? एक बात तो आप मानेंगे कि इंसान के जो सबसे बड़े सपने होते हैं जीवन…
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196. ये न होता तो क्या होता!
#AlterationsToLife IndiSpire पर दिए गए संदर्भ से प्रेरणा लेते हुए आज का आलेख लिख रहा हूँ। लेकिन मैं उन प्रसंगों का ही उल्लेख कर रहा हूँ जिनसे मेरे जीवन, मेरे करियर को सकारात्मक दिशा मिली है। ऐसे प्रसंग नहीं हैं जिनके बारे में मैं नकारात्मक रूप में लिख सकूं। मैंने अपने शुरू के ब्लॉग्स में…
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195. गाते गाते रोये मयूरा, फिर भी नाच दिखाए!
फिर से अपने प्रिय गायक मुकेश जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ, जो महान कलाकार और भारत के सबसे बड़े शो मैन राजकपूर जी की शुरू की एक फिल्म- ‘आशिक़’ से है, गीत लिखा है- हसरत जयपुरी जी ने और संगीतकार है- शंकर जयकिशन की जोड़ी। महत्वपूर्ण बात यह भी है कि इस…
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194. राख के ढ़ेर में शोला है ना चिंगारी है!
आज मोहम्मद रफी जी के मधुर और बुलंद स्वर में, कैफी आज़मी साहब का लिखा एक गीत शेयर कर रहा हूँ, जो शोला और शबनम फिल्म के लिए ज़नाब मोहम्मद ज़हूर तथा खैयाम जी के संगीत निर्देशन में रिकॉर्ड किया गया था। इन गीतों को सुनने पर यह गर्व होता है कि पहले कैसे महान…
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193. वृक्ष खुली पुस्तक हर पृष्ठ फड़फड़ाया!
कई दिन से पुराने ब्लॉग परोस रहा था, वैसे एक बात है कि जब ब्लॉग लिखना शुरू किया तब बहुत अधिक उत्साह था, काफी कुछ मन में था- ये कहना है, ये भी कहना है। पुराने ब्लॉग ज्यादातर साथियों के साथ शेयर भी नहीं हुए थे। आगे भी कुछ ऐसे ब्लॉग शेयर करूंगा। आज सर्वेश्वर…
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55. मोहसिन मुझे रास आएगी शायद सदा आवारगी !
आज फिर से, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग- संगीत की एक शाम याद आ रही है, कई वर्ष पहले की बात है, दिल्ली के सीरी फोर्ट ऑडिटोरियम में गज़ल गायक- गुलाम अली जी का कार्यक्रम था। मेरे बेटे ने मेरे शौक को देखते हुए मेरे लिए एक टिकट खरीद लिया था, रु.5,000/- का,…