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दिल में एक लहर सी उठी है अभी!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं आज नासिर काज़मी साहब की यह ग़ज़ल , जिसे ग़ुलाम अली साहब ने गाया है, उसे अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ- दिल में एक लहर सी उठी है अभी, कोई ताज़ा हवा चली है अभी। आशा है आपको पसंद आएगी,धन्यवाद।
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चिड़िया की उड़ान!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि एवं मंच संचालक श्री अशोक चक्रधर जी की एक रचना प्रस्तुत कर रहा हूँ। चक्रधर जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है श्री अशोक चक्रधर जी की यह कविता – चिड़िया तू जो मगन, धरा मगन, गगन मगन,फैला ले पंख ज़रा, उड़…