Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 15th Dec 2022

    अहेरी!

    आज बारी है प्रसिद्ध कवि और नवगीतकार स्वर्गीय उमाकांत मालवीय जी की, आज मैं उनकी एक कविता शेयर कर रहा हूँ| लीजिए प्रस्तुत है स्वर्गीय उमाकांत मालवीय जी की यह कविता – नोकीले तीर हैं अहेरी केकांटे खटिमट्ठी झरबेरी केटांग चली शोखतार तार हुआ पल्लूअंगिया पर बैरी साभार हुआ पल्लूमीठे रस बैन गंडेरी केझरबेरी आंखों…

  • 14th Dec 2022

    इक चराग़ कई आँधियों पे भारी है!

    दुआ करो कि सलामत रहे मिरी हिम्मत, ये इक चराग़ कई आँधियों पे भारी है| वसीम बरेलवी

  • 14th Dec 2022

    ज़िंदगी तो नहीं मौत की सवारी है!

    हर एक साँस पे पहरा है बे-यक़ीनी का, ये ज़िंदगी तो नहीं मौत की सवारी है| वसीम बरेलवी

  • 14th Dec 2022

    जंग मैंने लड़ी ही नहीं जो हारी है!

    कोई बताए ये उसके ग़ुरूर-ए-बेजा को, वो जंग मैंने लड़ी ही नहीं जो हारी है| वसीम बरेलवी

  • 14th Dec 2022

    तिश्नगी तो मुझे ज़िंदगी से प्यारी है!

    इसी से जलते हैं सहरा-ए-आरज़ू में चराग़, ये तिश्नगी तो मुझे ज़िंदगी से प्यारी है| वसीम बरेलवी

  • 14th Dec 2022

    समुंदर की ज़िम्मेदारी है!

    मैं क़तरा हो के भी तूफ़ाँ से जंग लेता हूँ, मुझे बचाना समुंदर की ज़िम्मेदारी है| वसीम बरेलवी

  • 14th Dec 2022

    उड़ानों पे वक़्त भारी है!

    उड़ान वालो उड़ानों पे वक़्त भारी है, परों की अब के नहीं हौसलों की बारी है| वसीम बरेलवी

  • 14th Dec 2022

    पता हो तो बताएँ कि किधर जाते हैं!

    हम तो बे-नाम इरादों के मुसाफ़िर हैं ‘वसीम’, कुछ पता हो तो बताएँ कि किधर जाते हैं| वसीम बरेलवी

  • 14th Dec 2022

    रास्ता चलते हुए लोग ठहर जाते हैं!

    घर की गिरती हुई दीवारें ही मुझ से अच्छी, रास्ता चलते हुए लोग ठहर जाते हैं| वसीम बरेलवी

  • 14th Dec 2022

    वो लम्हा कि जो मरता ही नहीं!

    इक जुदाई का वो लम्हा कि जो मरता ही नहीं, लोग कहते थे कि सब वक़्त गुज़र जाते हैं| वसीम बरेलवी

←Previous Page
1 … 1,058 1,059 1,060 1,061 1,062 … 1,528
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,132 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar