Category: Uncategorized
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श्रीकृष्ण शर्मा ‘अशेष’ की रचनायें-21
मेरी उपलब्ध रचनाएं यहाँ शेयर करने का आज इक्कीसवां और फिलहाल अंतिम दिन है, इस प्रकार जहाँ इन सबको, जितनी उपलब्ध थीं, एक साथ शेयर करने की कोशिश की है|जैसा मैंने पहले भी बताया है, हमेशा ‘श्रीकृष्ण शर्मा’ नाम से रचनाएं लिखता रहा, उनका प्रकाशन/ प्रसारण भी हमेशा इसी नाम से हुआ, लेकिन अब जबकि…
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कमी की तरफ़ नहीं देखा!
जो आइने से मिला आइने पे झुँझलाया, किसी ने अपनी कमी की तरफ़ नहीं देखा| मंज़र भोपाली
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तमाम ‘उम्र गुज़ारी!
तमाम ‘उम्र गुज़ारी ख़याल में जिस के, तमाम ‘उम्र उसी की तरफ़ नहीं देखा| मंज़र भोपाली
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अना ने किसी की!
कचोके देती रहीं ग़ुर्बतें मुझे लेकिन, मिरी अना ने किसी की तरफ़ नहीं देखा| मंज़र भोपाली
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किसी ने मुड़ के!
क़लक़ था सब को समुंदर की बे-क़रारी का, किसी ने मुड़ के नदी की तरफ़ नहीं देखा| मंज़र भोपाली
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श्रीकृष्ण शर्मा ‘अशेष’ की रचनायें-20
मेरी उपलब्ध रचनाएं यहाँ शेयर करने का आज बीसवां दिन है, इस प्रकार जहाँ इन सबको, जितनी उपलब्ध हैं, एक साथ शेयर कर लूंगा। इसके लिए मैं अपनी ब्लॉग पोस्ट्स में जिस क्रम में कविताएं पहले शेयर की हैं, उसी क्रम में उनको लेकर यहाँ पुनः एक साथ शेयर कर रहा हूँ। जैसा मैंने पहले…