Category: Uncategorized
-
ज़िंदगी की कहानी!
आज मैं हिंदी के श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय जानकीवल्लभ शास्त्री जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ। शास्त्री जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय जानकीवल्लभ शास्त्री जी का यह गीत – ज़िंदगी की कहानी रही अनकही ! दिन गुज़रते रहे, साँस चलती रही ! अर्थ क्या ? शब्द ही अनमने…
-
मुद्दत के बा’द ‘नूर’!
मुद्दत के बा’द ‘नूर’ हँसी लब पे आई है,वो अपना हम-ख़याल बना ले गया मुझे| कृष्ण बिहारी नूर