Category: Uncategorized
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एक तो नैनाँ कजरारे!
एक तो नैनाँ कजरारे और तिस पर डूबे काजल में,बिजली की बढ़ जाए चमक कुछ और भी गहरे बादल में| जाँ निसार अख़्तर
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तुझ पे मरते हैं ज़िन्दगी!
तुझ पे मरते हैं ज़िन्दगी अब भी,झूठ लिक्खें तो ये क़लम टूटे। सूर्यभानु गुप्त
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सड़क के कुत्ते!
ये जो शीर्षक दिया है मैंने वो अपने आप में एक गाली माना जाता है। पिछले दिनों बहुत जगह से ऐसी शिकायतें आई थीं कि आवारा कुत्तों ने किसी को काट लिया, जिनमें पर्यटक भी शामिल थे, कुछ मामलों में तो लोगों की मौत भी हो गई, जिसका कारण था कि कुत्तों के किसी झुंड…