Category: Uncategorized
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79. मत्स्य कन्या!
आज फिर से प्रस्तुत है, एक और पुरानी ब्लॉग पोस्ट। मैंने शायद दो ही ऐसी पोस्ट लिखी थीं जो रहस्य से भरी थीं। उनको ही क्रम से प्रस्तुत कर रहा हूँ, आज उनमें से दूसरी पोस्ट पेश है- अपने मित्र के दादाजी का सुनाया हुआ एक और किस्सा आपसे शेयर कर रहा हूँ, जैसा मैंने…
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78. इच्छाधारी सर्प!
आज फिर से प्रस्तुत है, एक और पुरानी ब्लॉग पोस्ट। मैंने शायद दो ही ऐसी पोस्ट लिखी थीं जो रहस्य से भरी थीं। उनको ही क्रम से प्रस्तुत कर रहा हूँ, आज उनमें से पहली पोस्ट पेश है- आज एक वृतांत सुना रहा हूँ जो मैंने दिल्ली में अपने एक मित्र और सहकर्मी से सुना…
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77. शैतान की फसल!
आज फिर से प्रस्तुत है, एक और पुरानी ब्लॉग पोस्ट – एक समस्या जिससे हमारा देश बहुत लंबे समय से जूझ रहा है और आज वह विश्वव्यापी समस्या बन गई है, वह है आतंकवाद की समस्या। आज पूरी दुनिया के देश तरक्की करने के रास्ते खोज रहे हैं, एक स्वस्थ प्रतियोगिता हो रही है दुनिया…
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76. प्रद्युम्न के बहाने!
आज फिर से प्रस्तुत है, एक और पुरानी ब्लॉग पोस्ट – कुछ मामलों पर चर्चा करने की एकाएक हिम्मत नहीं होती। सात वर्ष का बच्चा प्रद्युम्न, एक प्रतिष्ठित स्कूल का नन्हा छात्र, सुबह उसके पिता उसको स्कूल छोड़कर आए और कुछ देर में ही खबर मिली कि उसकी हत्या हो गई। हत्या हुई एक प्रतिष्ठित…
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75.जो हुआ ही नहीं अखबार में आ जाएगा!
आज फिर से प्रस्तुत है, एक और पुराना ब्लॉग, ब्लॉग पोस्ट दोहराने में भी एक मज़ा है, तो लीजिए आज की यह पुरानी ब्लॉग पोस्ट देखते हैं- – ज़नाब राहत इंदौरी का एक शेर याद आ रहा है जो उन्होंने कुछ समय पहले ‘द कपिल शर्मा शो’ में पढ़ा था- बनके इक हादसा, किरदार में…
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74. बोल मेरी मछली कितना पानी!
आज फिर से प्रस्तुत है, एक और पुराना ब्लॉग, ब्लॉग पोस्ट दोहराने में भी एक मज़ा है, तो लीजिए आज की यह पुरानी ब्लॉग पोस्ट देखते हैं- – पिछले कुछ दिनों आया आंधी-तूफान का मौसम अपने हिस्से की तबाही मचा चुका है, अभी घनघोर गर्मी पड़ रही है, फिर बारिश और उसके बाद गरीबों…
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73. संगीत की देवी स्वर-सजनी!
आज फिर से प्रस्तुत है, एक और पुरानी ब्लॉग पोस्ट – ज़िंदगी सिर्फ मोहब्बत नहीं कुछ और भी है, ज़ुल्फ-ओ-रुखसार की जन्नत नहीं कुछ और भी है, भूख और प्यास की मारी हुई इस दुनिया में इश्क़ ही एक हक़ीकत नहीं, कुछ और भी है। तुम अगर नाज़ उठाओ तो, ये हक़ है तुमको मैंने…
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72. सोच समझ वालों को थोड़ी नादानी दे मौला!
आज फिर से प्रस्तुत है, एक और पुराना ब्लॉग – इंटरनेट पर ज्ञान देने वाले तो भरे पड़े हैं, पर मैं अज्ञान का ही पक्षधर हूँ। जो व्यक्ति आज भी दिमाग के स्थान पर दिल पर अधिकतम भरोसा करते हैं, उनमें कवि-शायर काफी बड़ी संख्या में आते हैं। वहाँ भी सभी ऐसे हों, ऐसा नहीं…
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209. हाफ़िज खुदा तुम्हारा!
कल मैंने एक पुराना गीत शेयर किया था, जिसे मेरे एक पुराने मित्र और सहकर्मी गाया करते थे। आज फिर से एक पुराना गीत शेयर कर रहा हूँ, इसे भी मेरे वही मित्र गाते थे। इस गीत को शेयर करते समय एक बात याद आ रही है, बच्चों में संगीत के टेलेंट को लेकर जो…
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208. ज़िंदगी देने वाले सुन!
आज एक पुराना गीत याद आ रहा है, जिसे मुझे मेरे एक पुराने मित्र और सहकर्मी- श्री चुन्नी लाल जी गाया करते थे। ये गीत बहुत पुरानी फिल्म- दिल-ए-नादां का है, जिसे शकील बदायुनी जी ने लिखा है और गुलाम मुहम्मद जी के संगीत निर्देशन में तलत महमूद जी ने गाया है। कुल मिलाकर फिल्मी…