Category: Uncategorized
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We must raise our voice, when required!
This post I am writing keeping in mind the Indian scenario, but I feel that it holds good for any country, any society and any environment. Our country India had witnessed a phase in recent past, when one after another scams were coming to light. It does not happen suddenly. The ruling class feels…
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258. Keep Drinking O Jovial Guy!
I normally write my posts in Hindi. But now since I am participating in a month long campaign ‘My friend Alexa’ organized by Blogchatter, during September I would submit some of my posts in English. Today I submit a layman’s English translation of a Ghazal written by Akhtar Sheerani Ji and sung by Ghulam Ali…
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119. धरती के कागज़ पर मेरी तस्वीर अधूरी रहनी थी!
आज फिर से प्रस्तुत है, एक और पुरानी ब्लॉग पोस्ट- हिंदी के एक अत्यंत श्रेष्ठ गीतकार थे श्री भारत भूषण जी, मेरठ के रहने वाले थे और काव्य मंचों पर मधुरता बिखेरते थे। मैं यह नहीं कह सकता कि वे सबसे लोकप्रिय थे, परंतु जो लोग कवि-सम्मेलनों में कविता, गीतों के आस्वादन के लिए जाते…
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118. ये धुआं सा कहाँ से उठता है!
आज फिर से प्रस्तुत है, एक और पुरानी ब्लॉग पोस्ट- एक किस्सा याद आ रहा है, एक सज्जन थे, नशे के शौकीन थे, रात में सोते समय भी सिगरेट में नशा मिलाकर पीते थे, एक बार सुट्टे मारते-मारते सो गए, और बाद में अचानक उन्हें धुआं सा महसूस हुआ, कुछ देर तो सोचते रहे कि…
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257. सुंदर सपना बीत चला!
(Image Courtesy- Twitter) स्व. राज कपूर जी द्वारा अभिनीत फिल्म- सपनों का सौदागर का एक गीत है- सपनों का सौदागर आया, ले लो ये सपने ले लो, तुमसे किस्मत खेल चुकी, तुम किस्मत से खेलो। इसी गीत में आगे एक पंक्ति है- वो तय कर लेगा मंज़िल, जो एक सपना अपनाए! और हाँ, राज…
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116. फिरता है चांदनी में कोई सच डरा-डरा!
आज फिर से प्रस्तुत है, एक और पुरानी ब्लॉग पोस्ट- दुष्यंत कुमार जी का एक शेर है- खरगोश बनके दौड़ रहे हैं तमाम ख्वाब, फिरता है चांदनी में कोई सच डरा-डरा। यह शेर वैसे तो आपात्काल में लिखी गई उनकी गज़लों के संग्रह ‘साये में धूप’ से लिया गया है, जिस माहौल में यह शेर…
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115. सुविधा की होड़ और विद्रोही मुद्राएं!
आज फिर से प्रस्तुत है, एक और पुरानी ब्लॉग पोस्ट- आज अपने ही एक गीत के बहाने बात कर लेता हूँ। शायद मैंने यह कविता पहले भी शेयर की हो, जब मैंने शुरू के अपने ब्लॉग, अपने जीवन के विभिन्न चरणों के बहाने, अपने बचपन से प्रारंभ करके लिखे थे, उस समय तो यहाँ ब्लॉग…
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256. WOW: 30 चीजें जिनसे मुझे वास्तव में खुशी मिलती है!
बहुत अच्छा लगने वाला लेकिन काफी कठिन सवाल है! क्या है जो आपको बहुत अच्छा लगता है। ऐसा मुझसे सामान्यतः पूछा जाए, तो शायद मैं दो-तीन चीजें गिनाकर रुक जाऊंगा। लेकिन ऐसी 30 चीजें! बहुत मुश्किल है उस आंकड़े तक पहुंचना जी। चलिए आपके साथ मिलकर वहाँ तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। कुछ बातें…
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254.पंजिम: मांडवी नदी और मीरामार!
पिछले दिनों मैंने देश-विदेश के कुछ स्थानों के भ्रमण पर आधारित ब्लॉग लिखे, जिनका प्रारंभ मैंने लंदन से किया था और इस बात को भी रेखांकित किया था कि लंदन के जीवन में थेम्स नदी की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका है! मैं पिछले एक वर्ष से अधिक समय से गोआ में, पंजिम के निकट रह…
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114. वो कर रहा था मुरव्वत भी दिल्लगी की तरह!
आज फिर से प्रस्तुत है, एक और पुरानी ब्लॉग पोस्ट- कुछ विषय ऐसे हैं, कि जब आपके पास बात करने के लिए कोई विषय न हो, तब आप इनको लेकर अपना स्वेटर या कहें कि आलेख बुन सकते हैं। जैसे एक विषय है मौसम, दूसरा है प्यार! वैसे प्यार कौन नहीं करता और किसका काम…