Category: Uncategorized
-
व्यापारी- रवींद्रनाथ ठाकुर
आज मैं भारत के नोबल पुरस्कार कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। लीजिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया उनकी कविता ‘दा मर्चेंट’ का भावानुवाद- …
-
जब दो बहनें (कुएं से) पानी भरने जाती हैं- टैगोर
आज भी मैं भारत के नोबल पुरस्कार कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित एक कविता का भावानुवाद है, जिसे अनुवाद के बाद मूल रूप में प्रस्तुत किया गया है। लीजिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया उनकी कविता ‘व्हेन टू…
-
यह श्वान – रवींद्रनाथ ठाकुर
आज मैं भारत के नोबल पुरस्कार विजेता तथा हमारे राष्ट्रगान के रचयिता कवि- गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित एक कविता का भावानुवाद है। लीजिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया उनकी कविता ‘दिस डॉग’ का भावानुवाद- गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर की…
-
वक़्त ने ऐसा गीत क्यों गाया!
आज जगजीत सिंह जी की गाई हुई एक बहुत सुंदर गज़ल याद आ रही है। इसे 1982 में रिलीज़ हुई फिल्म- ‘साथ साथ’ के लिए के कुलदीप सिंह जी के संगीत निर्देशन में तैयार किया गया था। इस गज़ल के लेखक हैं– ज़नाब जावेद अख्तर जी। कई बार इस गज़ल के अलग-अलग शेर, अलग-अलग संदर्भों…
-
Caring for self and not disturbing others!
Again this is time for weekly post based on WOW prompt. Firstly it appeared that I was going to miss it this time but then came the idea! Yes this time we had to look into our cupboard, drawer, closet etc. and had to write based on the things we observe there. Yes we keep…
-
Creativity, Power and Values!
Again I am submitting my views based on a weekly prompt, which is- ‘When power declines, culture flourishes… do you agree?’ I just remember the example of Ravana, whom we remember as a Demon King! He was a greatly learned person , devotee of Lord Shiva, had studied the religious holy books, offered his heads…
-
कहाँ है कवि ?
आज भी मैं विख्यात अंग्रेजी कवि जॉन कीट्स की अंग्रेजी भाषा में लिखी गई एक और कविता का भावानुवाद और उसके बाद मूल अंग्रेजी कविता प्रस्तुत करने का प्रयास करूंगा। आज के लिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद- जॉन कीट्स कहाँ है कवि ? कहाँ है कवि? उसे दिखाओ,…
-
39. पर दिलों पर हुक़ूमत हमारी रही!
चलिए आज फिर से यादों की पुरानी संदूकची खोलते हैं, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग! लगभग ढाई वर्ष के लखनऊ प्रवास और सात वर्ष के ऊंचाहार प्रवास की कुछ छिटपुट घटनाएं याद करने का प्रयास करता हूँ। एक घटना जो याद आ रही है, वह है लखनऊ के पिकप प्रेक्षागृह में आयोजित कवि…
-
अरे एकांत! अगर मुझे तुम्हारे साथ ही रहना है तो!
आज भी मैं विख्यात अंग्रेजी कवि जॉन कीट्स की अंग्रेजी भाषा में लिखी गई एक और कविता का भावानुवाद और उसके बाद मूल अंग्रेजी कविता प्रस्तुत करने का प्रयास करूंगा। आज के लिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद- जॉन कीट्स अरे एकांत! अगर मुझे तुम्हारे साथ ही रहना है…
-
Good Writing, How to do that?
Again writing based on the weekly prompt on #IndiSpire. The prompt this time also appears to be quite strange. Let me mention it in the very beginning. The prompt is- ‘Is leaving the social media the right step for those who wish to focus on writing? Must writers stop interacting even in real life?’ GoodWriting.…